FAA在一份声明中说:“波音飞机在滑行过程中,它的小翼接触到了一架停着、无人乘坐的公司飞机。 जागरणसंवाददाता, गोड्डा(महागामा)। गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र के कस्बा गांव स्थित उम्मूल मोमिन जामिया आयशा लिल बनात मदरसे में एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। शव फंदे से लटकता मिला।,छात्रा की पहचान बिहार के भागलपुर जिले के सनोखर गांव के निवासी मोहम्मद तैय्यब की पुत्री के रूप में हुई है। बच्ची के स्वजन ने बताया कि उन्हें सुबह सात बजे घटना की जानकारी मिली। इसके बाद मदरसा पहुंचे। मदरसे में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं ने बताया कि रात 10 बजे तक सब ठीक था। फिर सभी सोने चले गए। रात में कब घटना हुई यह किसी को पता नहीं। स्वजन ने मदरसे के मौलवी पर हत्या का आरोप लगाया है। बच्ची के गले में दाग है। स्वजन ने बताया कि बच्ची 15 दिन पूर्व हॉस्टल आई थी।,घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग मदरसा के बाहर एकत्र हो गए। इधर हॉस्टल में रह रहीं सभी बच्चियां घर चली गईं। महागामा एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू की। स्वजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हो रहे थे, लेकिन समझाने के बाद तैयार हुए। एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस जांच कर रही है।,इधर घटना की सूचना मिलते ही राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बच्ची की मौत का मामला बेहद गंभीर है।इसकी निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। शव को पोस्टमार्टम के लिए गोड्डा सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम को डाक्टरों की टीम भी गठित की गई। अचानक मामला पलट गया। बच्ची के शव के पोस्टमार्टम के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कालेज भेजने का आदेश दिया गया। सूत्रों के अनुसार यह फारेंसिक जांच से जुड़ा मामला है। ,स्वजन का कहना था कि तकरीबन सात दिन पहले बच्ची ने यह आरोप लगाया था कि मदरसे में मामूली सी बात पर सख्ती बरती जाती है । किसी से कुछ बोलने नहीं दिया जाता है। पिता मो तैय्यब के अनुसार पूरा मामला संदेहास्पद है। बताया कि उनकी बच्ची के साथ संभवत: मदरसा में कुछ गलत हुआ है कि जिसका विरोध करने पर बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। मेरी बच्ची आत्महत्या नहीं कर सकती है।,मदरसा के संचालन को लेकर पूर्व जिप सदस्य बीबी निशात जिया ने सवाल खड़े किए हैं। बीबी निशात जिया के अनुसार जब मदरसा में सैकड़ों बच्चियां पढ़ रही है तो पुरूष के संचालन का कोई मतलब नहीं बनता है।,मदरसा में पांच- पांच पुरुष शिक्षक हैं। बताया कि पूरे मामले की जांच गहनता से होनी चाहिए। कारण कि अन्य बच्चियों के भविष्य का भी मामला है। काफी बच्चियां वहां पढ़ रही हैं ऐसे में यदि कोई गलत हुआ तो इसकी जांच होनी चाहिए।。”